‘‘नशा करता है नाश"

‘‘नशा करता है नाश’’
नशा चाहे शराब, सुल्फा, अफीम, हिरोईन आदि-आदि किसी का भी करते
हो, यह आपका सर्वनाश का कारण बनेगा। नशा सर्वप्रथम तो इंसान को शैतान
बनाता है। फिर शरीर का नाश करता है। शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग हैं :-
 1
फेफड़े, 
2 जिगर (लीवर),
 3 गुर्दे (ज्ञपकदमल), 
4 हृदय 
शराब सर्वप्रथम इन चारों
अंगों को खराब करती है। सुल्फा (चरस) दिमाग को पूरी तरह नष्ट कर देता है।
हिरोईन शराब से भी अधिक शरीर को खोखला करती है। अफीम से शरीर कमजोर
हो जाता है। अपनी कार्यशैली छोड़ देता है। अफीम से ही चार्ज होकर चलने लगता
है।
 रक्त दूषित हो जाता है। इसलिए इनको तो गाँव-नगर में भी नहीं रखे, घर की
बात क्या। सेवन करना तो सोचना भी नहीं चाहिए।

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