सच्चा जीवन रक्षक परमात्मा
कबीर परमात्मा ही सारी पृथ्वी को बचा सकते हैं
वही सृष्टि के रचयिता हैं वही इसके रक्षक हैं
एक बार मगहर की रियासत में भयंकर अकाल गिर गया। ज्योतिषियों ने बताया कि तीन वर्ष का भयंकर सूखा है। यहां बारिश नहीं हो सकती। हिन्दू मुसलमानों ने अपने अपने जंत्र-मन्त्र व गोरखनाथ जी से भी विनय करके देख ली थी पर कोई राहत नहीं मिली। तब कबीर परमेश्वर से प्रार्थना करने पर मूसलाधार बारिश हुई।
ऋग्वेद मण्डल 10 सुक्त 161 मंत्र 2 5 सुक्त 162 मंत्र 5 सुक्त 16 मंत्र 1 3 में स्पष्ट है कि यदि रोगी की जीवन शक्ति नष्ट हो गई हो और रोगी मृत्यु के समीप पहुंच गया हो तो भी परमात्मा उसको सही करके सौ वर्ष की आयु प्रदान करता है। आज यही अनहोनी संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गयी सतभक्ति से हो रही सर्वशक्तिमान परमात्मा कबीर साहेब हैं।जिसका प्रमाण सभी धर्म शास्त्रों में है और वह परमात्मा अपने साधक के हर संकटों को एक क्षण में दूर कर सकता है।
तीन ताप के अन्तर्गत भगवान विष्णु जी को भी कर्म का फल राम और कृष्ण रूप में भोगना पड़ा। इससे सिद्ध है कि ये तीन ताप को नाश नहीं कर सकते केवल पूर्ण परमात्मा ही पाप कर्म दण्ड को काट सकता है।
(सुख के सागर कबीर प्रभु)
समर्थ कबीर परमेश्वर ही आयु बढ़ा सकते हैं। सम्मन के पुत्र सेउ का कटा शीश फिर से धड़ पर लगाकर उसकी आयु बढ़ाई थी।
संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर अपना कल्याण कराएं।
आज मनुष्य बहुत बड़ी गलती कर रहा है भगवान के विधान को तोड़कर मांस खाना जीव हत्या
करना ऐसे पापों से बचना है तो संत रामपाल जी महाराज की शरण ग्रहण करें!!!
परमात्मा कबीर साहेब पाप विनाशक हैं
यजुर्वेद अध्याय 8 मन्त्र 13 में कहा गया है कि परमात्मा पाप नष्ट कर सकता है। संत रामपाल जी महाराज जी से उपदेश लेने व मर्यादा में रहने वाले भक्त के पाप नष्ट हो जाते हैं।
पाप_विनाशक_कबीर_प्रभु
सम्पूर्ण शांति दायक, कविरंघारिसि = # कबीरपरमेश्वर (अंघ) पाप_का (अरि) शत्रु (असि) है_अर्थात्_पाप_विनाशक_कबीर_है_बन्धन_का_शत्रु अर्थात् बन्दी छोड़ कबीर परमेश्वर है।
(यजुर्वेद_अध्याय_5_मंत्र_32परमात्मा की वाणी है:)
कबीर,
जबही सत्यनाम हृदय धरो भयो पाप को नास।
मानौं चिनगी आग की परी पुराने घास।।
(सतनाम का जाप करने से हमारे सभी प्रारब्ध के पाप कर्म कट जाते हैं।)
भगवान के विधान को तोड़ने पर व सतभक्ति न करने पर विपत्ति आती हैं
आज इसका जीता जागता उदाहरण दुनिया देख रही है। अभी भी वक्त है संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेकर अपना जीवन सफल करें।
अधिक जानकारी के लिए देखें साधना (TV 7:30 PM )
और पढ़े पुस्तक जीने_की_राह और ज्ञान_गंगा
वही सृष्टि के रचयिता हैं वही इसके रक्षक हैं
एक बार मगहर की रियासत में भयंकर अकाल गिर गया। ज्योतिषियों ने बताया कि तीन वर्ष का भयंकर सूखा है। यहां बारिश नहीं हो सकती। हिन्दू मुसलमानों ने अपने अपने जंत्र-मन्त्र व गोरखनाथ जी से भी विनय करके देख ली थी पर कोई राहत नहीं मिली। तब कबीर परमेश्वर से प्रार्थना करने पर मूसलाधार बारिश हुई।
ऋग्वेद मण्डल 10 सुक्त 161 मंत्र 2 5 सुक्त 162 मंत्र 5 सुक्त 16 मंत्र 1 3 में स्पष्ट है कि यदि रोगी की जीवन शक्ति नष्ट हो गई हो और रोगी मृत्यु के समीप पहुंच गया हो तो भी परमात्मा उसको सही करके सौ वर्ष की आयु प्रदान करता है। आज यही अनहोनी संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गयी सतभक्ति से हो रही सर्वशक्तिमान परमात्मा कबीर साहेब हैं।जिसका प्रमाण सभी धर्म शास्त्रों में है और वह परमात्मा अपने साधक के हर संकटों को एक क्षण में दूर कर सकता है।
तीन ताप के अन्तर्गत भगवान विष्णु जी को भी कर्म का फल राम और कृष्ण रूप में भोगना पड़ा। इससे सिद्ध है कि ये तीन ताप को नाश नहीं कर सकते केवल पूर्ण परमात्मा ही पाप कर्म दण्ड को काट सकता है।
(सुख के सागर कबीर प्रभु)
समर्थ कबीर परमेश्वर ही आयु बढ़ा सकते हैं। सम्मन के पुत्र सेउ का कटा शीश फिर से धड़ पर लगाकर उसकी आयु बढ़ाई थी।
संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर अपना कल्याण कराएं।
आज मनुष्य बहुत बड़ी गलती कर रहा है भगवान के विधान को तोड़कर मांस खाना जीव हत्या
करना ऐसे पापों से बचना है तो संत रामपाल जी महाराज की शरण ग्रहण करें!!!
परमात्मा कबीर साहेब पाप विनाशक हैं
यजुर्वेद अध्याय 8 मन्त्र 13 में कहा गया है कि परमात्मा पाप नष्ट कर सकता है। संत रामपाल जी महाराज जी से उपदेश लेने व मर्यादा में रहने वाले भक्त के पाप नष्ट हो जाते हैं।
पाप_विनाशक_कबीर_प्रभु
सम्पूर्ण शांति दायक, कविरंघारिसि = # कबीरपरमेश्वर (अंघ) पाप_का (अरि) शत्रु (असि) है_अर्थात्_पाप_विनाशक_कबीर_है_बन्धन_का_शत्रु अर्थात् बन्दी छोड़ कबीर परमेश्वर है।
(यजुर्वेद_अध्याय_5_मंत्र_32परमात्मा की वाणी है:)
कबीर,
जबही सत्यनाम हृदय धरो भयो पाप को नास।
मानौं चिनगी आग की परी पुराने घास।।
(सतनाम का जाप करने से हमारे सभी प्रारब्ध के पाप कर्म कट जाते हैं।)
भगवान के विधान को तोड़ने पर व सतभक्ति न करने पर विपत्ति आती हैं
आज इसका जीता जागता उदाहरण दुनिया देख रही है। अभी भी वक्त है संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेकर अपना जीवन सफल करें।
अधिक जानकारी के लिए देखें साधना (TV 7:30 PM )
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